बदल गयी..........
थी सरगोशियां जो उनकी अब तन्हाइयों में बदल गयी ,
थी जो मुहोब्बत उनसे अब रुस्वाइयों में बदल गयी ,
न थी जो उम्मीद शिकायतों की उनसे,
वो सच्चाइयों में बदल गयी..........
थी जो मुहोब्बत उनसे अब रुस्वाइयों में बदल गयी ,
न थी जो उम्मीद शिकायतों की उनसे,
वो सच्चाइयों में बदल गयी..........
Comments
Post a Comment