आज भी उसे मुहोब्बत मुझसे उतनी ही है पर वो जताती नहीं
आज भी उसे मुहोब्बत मुझसे उतनी ही है पर वो जताती नहीं, नज़रो में भरा प्यार आज भी है वो दिखाती नहीं आया करती है कभी कभी हक़ जताने मेरे सपनो में, पर हक़ीक़त में नज़र भी मुझसे मिलाती नहीं अक्सर झगडे किया करती है वो मुझसे अब सपनो में, क्योंकी खोकर वो मुझको अब पाती नहीं कह देती है हर बाते अपने दिल की नज़रो से, पर मेरे दिल की वो सुन जाती ही नहीं कहती है भूल चुकी हु तुझे मैं ये बात मेरी समझ आती नहीं, आज भी उसे मुहोब्बत मुझसे उतनी ही है पर वो जताती नहीं।।।।।।